Naya Saal Naya Sawera


Madhusudan Singh

Image credit: Google
है दास्ताँ सीखा गयी गुलामी बर्षों की,
अपना असर दिखा गयी गुलामी वर्षों की||
शुक्ल प्रतिपदा प्रथम दिन,
है चैत्र मास का ख़ास,
इसी दिन से ब्रम्हा ने की,
सृष्टि की शुरुआत,
इस दिन हम नववर्ष मनाते,
हिन्द को अपना खूब सजाते,
मगर इसे भी मिटा रही गुलामी वर्षों की,
अपना असर दिखा गयी गुलामी वर्षों की|1
सर्दी का दिन ढलते साल का,
अंतिम जश्न मनाते,
फागुन मास का एक महीना,
रंग-अबीर उड़ाते,
गले लगाते एक दूजे को,
जश्न मनाते पूरी रात,
साफ़-सफाई गलियों की कर,
करते नववर्ष की शुरुआत,
मगर मिटा दी रश्म सभी गुलामी वर्षों की,
अपना असर दिखा गयी गुलामी वर्षों की|2
माह जनवरी नया साल का,
पतझड़ लेकर आती,
चैत्र महीना नया साल,
नव कोपल है दिखलाती,
जहाँ की है नववर्ष जनवरी,
शायद वहां वसंत,
भारत की नववर्ष चैत्र है,
होती यहाँ उमंग,
हरियाली धरती पर होती,
फूल की खुशबु होती,
फागुन,चैत्र का…

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